Thursday, February 6, 2014

ग्रुप में चुदाई

आज मैं आपको अपनी एक नयी कहानी सुना रही हूं जिसमे मैने और मेरी दोस्त (अब वो मेरी ननद है) महेक ने किस तरह मनाली में चुदाई के साथ इनकम भी की। ये बात १९९८ की है जब मैं और मेरी दोस्त चंडीगढ़ में बीए-३ की पढ़ाई कर रही थी। हम दोनो ही शुरु से चुद्दकड़ थी और अक्सर अपने ब्वायफ़्रेंड के साथ डेट पर जाती और चुदाई का मज़ा लेती। एक बार मैं अपने दोस्त के साथ शिमला घूमने के लिये गयी हुई थी। वहां पर हमने ३ दिन तक खूब चुदाई का नज़ारा लिया। वहां जिस होटल में हम रुके हुए थे वो होटल पर अक्सर काल गर्ल आती रहती थी और उस होटल में लगबग हर टोरिस्ट इसी लिये आता था।



मैं एक दिन शाम के वक्त बार टेबल पर बैठी थी मेरा दोस्त अभी रूम से नीचे नहीं आया था तभी एक सांवले रंग का मजबूत बदन का मर्द मेरे पास आ कर बैठ गया। उसने मुझे काल गर्ल समझ लिया था। मेरे पास आ कर उसने मुझे ड्रिंक की पेशकश की जिसे मैने नम्रता से ठुकरा दिया। उसके बाद उसने स्माइल पास करते हुए मुझे से नाम पूछते हुए अपना परिचय देने लेगा। कुछ देर बाद उसने असली बात पर आते हुए मुझे रात की ओफ़र की और इसके लिये उसने बिना मेरी तरफ़ देखे १०० रुपये के काफ़ी सारे नोट मेरी तरफ़ बढ़ा दिये।

एक बार तो मैं उसकी हरकत पर हैरान हो गयी और मुझे गुस्सा भी आया पर दूसरे ही पल मेरे दिमाग में एक नया विचार आया (हालांकि मैं भी बहुत रिच फ़ैमिली से हूं पर जैसा कि सभी पाठक जानते हैं कोलेज लाइफ़ में पोकेट मनी की प्रोब्लम रहती है) कि ये तो पैसे के सत्तह मजा और नये लंड के साथ बाहर घूमने का बड़ा अच्छा साधन है। पर उस वक्त मैं अपने दोस्त के साथ थी। मैने उसे अपना पता देते हुए बाद में कोन्टेक्ट करने को कहा।

कई दिनो के बाद मुझे उसका सन्देशा मिला कि उसे २ लड़कियां ५ दिन के लिये चाहिये। वो और उसका दोस्त अपनी आउटिंग को इस बार रंगीन करना चाहते हैं। मेरे पूछने पर बताया की उन लोगों को मनाली के अन्दर अपना होलीडे बिताना है। मैने उससे उसका कोन्टेक्ट नम्बर ले लिया और बोला कि मैं आपको कल तक बता दूंगी।

मैं तो उसी वक्त तैयार थी पर अब उसे २ लड़कियों की जरूरत थी जबकि मैं अकेली थी। तभी मेरे मन में महेक का ख्याल आया। वैसे भी हम अकसर इकट्ठी चुदायी पर जाती थी।

पहले तो महेक ने इन्कार कर दिया पर मेरे समझाने पर वो राजी हो गयी। मैने उसी शाम उसको फोन करके रुपये और टाइम की सेटिंग कर ली। हम लोगों ने ५ दिन के उनसे २०००० रुपये मांगे। २ दिन के बाद हम मनाली के लिये निकल पड़े। अब हम दोनो बहुत खुश थे। एक तो हमे २-२ नये लंड मिलने वाले थे दूसरा हमे २००००/- रुपये भी मिलने वाले थे मनाली बसस्टेंड पर ही वो दोनो हमें मिल गये। हम दोनो उनके साथ कर पर चल पड़े। उन लोगों ने होटल पिकडेली में रूम ले रखा था। हमने रूम में पहुंचते ही उन्होने हमें नंगा होने को कहा और खुद फोन कर के वेटर को खाने का ओर्डर दे दिया।

हम लोगो ने पहले बाथ लेने की इच्छा जतायी। सन्जु (उनमें एक का नाम) ने कहा ठीक है परन्तु पहले कुछ खा लो। इतने में वेटर कोफ़ी और कुछ स्नैक्स ले आया। कोफ़ी लेने के बाद हम नहाने के लिये बाथरूम में चले गये। जैसे ही महेक ने बाथरूम का गेट बंद करना चाहा तो उसे सुरेश ने रोक दिया और कहने लगा, अब कोई शरम नहीं, दरवाजा खुला रहने दो हम देखना चाहते हैं कि तुम कैसे एक दूसरे को नहलाती हो। क्योंकि इस वक्त हम उनकी पेड सेक्स थी इसलिये चुप-चाप उनकी बात मानते हुए नंगी नहाने लेगी।



अब आगे कि कहानी पढ ने के लिए यहाँ क्लीक करे Desi Sex Stories

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